Post by SHANU KA SAFAR on Bideo
अगर अपने वोट की रक्षा करना अपराध है,
तो हाँ, मैं अपराधी हूँ।
अगर जंतर-मंतर पर या अपने भारत में कहीं भी तिरंगा फहराना अपराध है,
तो हाँ, मैं अपराधी हूँ।
अपने हक के लिए आवाज़ उठाना अपराध है,
तो हाँ, मैं अपराधी हूँ।
इंकलाब ज़िंदाबाद!
वंदे मातरम्!
जय संविधान!
SHANU KA SAFAR