शोभित शर्मा, साहिबाबाद। उत्तर प्रदेश के प्रवेश द्वार को बजट की दस्तक का इंतजार है और यह हाल-फिलहाल से नहीं बल्कि ढाई साल से ज्यादा का है। ये एक ऐसी योजना की कहानी है, जिसे शासन से स्वीकृति मिली, टेंडर हुआ और ठेकेदार ने काम शुरू कराया लेकिन स्वीकृति के बाद से एक रुपया भी बजट का पीडब्ल्यूडी के पास नहीं आया। ठेकेदार ने 35 से 40 लाख रुपये लगाकर स्ट्रक्चर भी खड़ा कर दिया और जब भुगतान नहीं मिला तो काम को बंद दिया गया।