छठ सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि हम बिहारियों का स्वाभिमान, हमारी पहचान और हमारी मिट्टी की वो खुशबू है जो दुनिया के किसी भी कोने से हमें अपनी जड़ों की ओर खींच लाती है! 🌾✨ चाहे खाड़ी देशों की धूप हो या दिल्ली-मुंबई की भागदौड़, छठ आते ही हर बिहारी का दिल अपने गाँव के घाट पर पहुँच जाता है। नहाय-खाय, खरना की खीर, मिट्टी के चूल्हे पर बनता ठेकुआ और अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य... यह पर्व सिखाता है कि ढलते सूरज का भी उतना ही सम्मान होता है। 👉 अगर आपके घर में भी छठ की तैयारियाँ और उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है, तो कमेंट बॉक्स में 'जय छठी मईया' ज़रूर लिखें और यह वीडियो अपने परिवार और दोस्तों के साथ शेयर करें! 🙏❤️️