एशियाई खेलों में सोना जीतकर लौटे झज्जर लौटे अयान लोहचब, मां की आंखें भीगीं तो दादी हुईं भावुक; ट्रैक
झज्जर। वर्षों की अटूट तपस्या, पसीने की हर एक बूंद और आंखों में पले तिरंगे की शान के सपने जब सीने पर स्वर्ण पदक बनकर चमकते हैं, तो पूरा गांव उत्सव के रंगों में सराबोर हो उठता है।