15 अक्टूबर से यूपीआई पर लगेगा MDR यह मामला छह साल से अधिक समय से पूरी तरह मुफ्त चले आ रहे यूपीआइ भुगतानों के भविष्य से जुड़ा है। केंद्र सरकार ने 15 अक्टूबर से यूपीआई के जरिये मर्चेंट को दो हजार रुपये से ज्यादा के भुगतान पर 0.4 प्रतिशत शुल्क लागू किया है, जिसे 75 हजार रुपये या उससे अधिक के भुगतान पर अधिकतम 300 रुपये तक सीमित किया गया है। हालांकि, आम नागरिकों के बीच होने वाले पर्सन टू पर्सन (पी2पी) लेनदेन पूरी तरह सुरक्षित और मुफ्त रखे गए हैं। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ इस याचिका पर सुनवाई करेगी। यह जनहित याचिका अधिवक्ता रंजन दत्ता द्वारा दायर की गई है, जिसमें 14 सितंबर की अधिसूचना और 15 सितंबर के एमडीआर ढांचे को चुनौती दी गई है।