ये वही 5000 वर्ष पुराना स्थान है जहाँ गंगापुत्र भीष्म पितामह भगवान कृष्ण की पूजा करते थे। महाभारत काल से जुड़ा यह दिव्य महल आज भी कृष्ण भक्तों को साक्षात नारायण की उपस्थिति का अनुभव कराता है। यहां पहुंचकर हर भक्त राधा कृष्ण की भक्ति और भजन में लीन हो जाता है। जय श्री कृष्ण 🙏✨