हमारे गांव में आवारा पशुओं को श्मशान घाट में बेड के रखा जाता है 4 दिन 5 दिन बड़े रहते हैं फिर एक दिन के लिए खोलेंगे फिर पुणे चार दिन 5 दिन बिगाड़े रहते हैं क्योंकि फसल को बहुत नुकसान कर रहे हैं और वह गाय भैंस बाहर की नहीं है गांव के हैं साले गांव वाले ही दिलकी रखे हैं