भगवान श्रीराम ने अपने प्राणों से प्रिय भाई लक्ष्मण को मृत्युदंड क्यों दिया? 🚩 उत्तर रामायण की पौराणिक कथा के अनुसार, जब यमदेव (मृत्यु के देवता) श्रीराम से एकांत में चर्चा करने आए, तब उन्होंने एक शर्त रखी कि जो भी उनकी वार्ता में बाधा डालेगा, उसे मृत्युदंड मिलेगा। श्रीराम ने लक्ष्मण को द्वारपाल नियुक्त किया। तभी ऋषि दुर्वासा वहाँ पहुंचे और तुरंत श्रीराम से मिलने की जिद करने लगे। संपूर्ण अयोध्या को ऋषि के श्राप से बचाने के लिए लक्ष्मण जी ने स्वयं के प्राणों का संकट चुना और श्रीराम के कक्ष में प्रवेश किया। अपने दिए वचन को पूरा करने के लिए श्रीराम को लक्ष्मण जी का परित्याग करना पड़ा, जो मृत्युदंड के समान था। #shriram #lakshman #ramayan #pauranikkatha #hindumythology #ytshorts #shorts #viralshorts #trending #ramayankatha