विट्ठलवाड़ी स्टेशन का ये सच किस्सा है। रात 1:30 बजे मुझे एक खाली रिक्शा मिली, मैं बैठ गया। पर रिक्शा वाला पैडल ही नहीं मार रहा था, फिर भी रिक्शा 100 की स्पीड में भाग रही थी... मैंने बोला - भैया पैडल मारो! उसने मुड़कर जो कहा, सुनकर मेरी चीख निकल गई - "पैर ही नहीं है तो पैडल कैसे मारूं?" 👹 उसका आधा चेहरा जला हुआ था। मैं रिक्शा से कूद गया और रिक्शा खुद-ब-खुद अंधेरे में गायब हो गई। क्या आप रात को रिक्शा में बैठते हो? तो ये वीडियो जरूर देखना। COMMENT में बताओ - आप क्या करते इस situation में? #vitthalwadi #ulhasnagarhorror #rikshawalahorror #bhootkahani #realhorrorstory #hindihorrorstory #horrorstoryinhindi #raatkatime #ghostrickshaw
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